पटवध आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। जनपद में घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने के लिए चल रही सख्त निगरानी के बीच महुला क्षेत्र की प्रशान्त सेन भारत गैस ग्रामीण वितरक एजेंसी में बड़े पैमाने पर अनियमितता उजागर हुई है। इस पूरे खुलासे में सप्लाई इंस्पेक्टर बृजेश दुबे और संतोष शर्मा की सक्रिय भूमिका अहम रही, जिनकी सतर्कता और सख्त कार्रवाई से यह पूरा मामला सामने आ सका।
सप्लाई इंस्पेक्टर बृजेश दुबे एवं संतोष शर्मा के नेतृत्व में आपूर्ति विभाग की टीम ने सुरैना स्थित गैस गोदाम पर छापेमारी कर भौतिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एजेंसी के प्रो. झारखण्डेय प्रसाद मौके पर मौजूद मिले। जब टीम ने स्टॉक रजिस्टर की जांच की, तो चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। 31 जनवरी 2026 के बाद से रजिस्टर में एक भी एंट्री दर्ज नहीं थी। यानी पूरे 53 दिनों तक गैस सिलेंडरों के आगमन और वितरण का कोई हिसाब-किताब ही नहीं रखा गया।
उन्होंने तत्काल ऑनलाइन स्टॉक रिपोर्ट मंगवाई और भौतिक सत्यापन से उसका मिलान कराया। रिपोर्ट के अनुसार गोदाम में 188 घरेलू और 17 कमर्शियल, कुल 205 भरे सिलेंडर मौजूद होने चाहिए थे, लेकिन मौके पर एक भी भरा सिलेंडर नहीं मिला। इसके विपरीत गोदाम में 383 खाली घरेलू, 11 खाली कमर्शियल और 9 छोटे कमर्शियल सिलेंडर पाए गए।
जांच में आगमन और निर्गमन रजिस्टर नहीं मिला जो कि नियमों का सीधा उल्लंघन है। सप्लाई इंस्पेक्टरों की मौजूदगी में मौके पर मिले सभी 403 खाली सिलेंडरों को जब्त कर सुरक्षित अभिरक्षा में सौंप दिया गया।
मामले में डीएम के निर्देश पर एजेंसी संचालक झारखण्डेय प्रसाद के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की अनुमति भी प्रदान कर दी गई।
रिपोर्ट-बबलू राय