लालगंज आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। थाना गम्भीरपुर क्षेत्र में पुलिस और एटीएम ठगी गिरोह के बीच हुई मुठभेड़ में एक अंतर्जनपदीय अभियुक्त घायल अवस्था में गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त एटीएम मशीनों में कैश टैपिंग डिवाइस लगाकर ठगी की घटनाओं को अंजाम देता था। उसके कब्जे से अवैध तमंचा, कारतूस, एटीएम ठगी के उपकरण और अर्टिगा कार सहित अन्य सामग्री बरामद हुई है।
बीते 29 जनवरी को यूनियन बैंक ऑफ इंडिया शाखा रानीपुर रजमो के शाखा प्रबंधक द्वारा थाना गम्भीरपुर में तहरीर दी गई थी कि 4 जनवरी को एक खाताधारक ने एटीएम से 20 हजार रुपये की निकासी विफल होने की शिकायत की थी। जांच के दौरान एटीएम मशीन में कोई अतिरिक्त नकदी नहीं मिली। सीसीटीवी फुटेज के अवलोकन से सामने आया कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा कैश डिस्पेंसर में अवैध रूप से कैश टैपिंग/स्कीमिंग डिवाइस लगाकर नकदी को मशीन के मुहाने पर फंसा दिया गया था, जिसे बाद में निकाल लिया गया। इस संबंध में थाना गम्भीरपुर पर अभियोग पंजीकृत किया गया था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में सोमवार की सुबह थाना गम्भीरपुर पुलिस संदिग्ध व्यक्ति व वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि एटीएम ठगी, चोरी और लूट में संलिप्त अभियुक्त अर्टिगा कार से ठेकमा बाजार होते हुए आजमगढ़ की ओर आ रहा है। सूचना पर पुलिस टीम ने रोहुआ मुस्तफाबाद के पास घेराबंदी की। खुद को घिरता देख अभियुक्त ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस द्वारा आत्मरक्षार्थ की गई नियंत्रित जवाबी कार्रवाई में अभियुक्त के बाएं पैर में गोली लग गई। घायल अभियुक्त को हिरासत में लेकर उपचार हेतु अस्पताल भेजा गया। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान संजय कुमार पुत्र मेवालाल निवासी ग्राम पौधन रामपुर थाना अखण्ड नगर जनपद सुल्तानपुर के रूप में हुई है। उसके पास से एक अवैध देशी तमंचा, दो जिंदा कारतूस, चार खोखा कारतूस, एक अर्टिगा कार, एटीएम कैश टैपिंग उपकरण, तीन एटीएम कार्ड, एक मोबाइल फोन और 2530 रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि वह अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर विभिन्न जनपदों में एटीएम मशीनों को निशाना बनाता था। कैश डिस्पेंसर में प्लास्टिक स्ट्रिप लगाकर नकदी को बाहर आने से रोक दिया जाता था और बाद में स्ट्रिप हटाकर फंसी हुई राशि निकाल ली जाती थी। इस तरीके से कई घटनाओं को अंजाम दिया गया।
रिपोर्ट-मकसूद अहमद