माहुल आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। अहरौला थाना क्षेत्र के सकतपुर स्थित एक निजी विद्यालय के छात्रों के बीच हुई मारपीट ने बुधवार को विध्वंसक रूप ले लिया। कालेज खुलते ही प्रबंधक पर जाति विशेष की टिप्पणी का आरोप लगाते हुए कालेज को चारो तरफ से घेर लिया और मारपीट शुरू कर दिया। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए प्रबंधक ने कमरे में बंद होकर अपनी जान बचाई। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार के साथ ही भारी संख्या में पुलिस बल ने पहुंचकर मारपीट कर रहे ग्रामीणों को समझा बुझाकर उनके घर भेजा।
क्षेत्र के फुलवरिया निवासी मनोज पाल सकतपुर गांव में एस के डी मेमोरियल ब्राइट अकादमी नाम से कालेज चलाते है। जहां पर छात्र छात्राएं एक साथ इंटरमीडिएट तक की शिक्षा लेते है। मंगलवार शाम पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के फुलवरिया टोल नाके के पास क्षेत्र के खानपुर चंदू गांव निवासी विपुल कुमार और पवन कुमार किसी काम से गए थे उसके बाद क्षेत्र के काशीपुर निवासी मनीष यादव और सचिन तथा पूरादूबे गांव निवासी हर्ष और अतुल दुबे ने एक जुट होकर घेर लिया और मारपीट हो गई थी। शाम को घर पहुंच कर जब पवन और विपुल ने अपने स्वजनों से इस घटना को बताया तो वे आक्रोशित हो गए और बुधवार को कालेज खुलते ही इन दोनों के स्वजन खानपुर चंदू, सकतपुर, सजनी आदि गांवों के लोग इकट्ठा होकर कालेज को घेर लिया। ग्रामीणों का कहना है कि जब इस घटना के बारे में कालेज के प्रबंधक मनोज पाल से पूछा गया तो वे जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करने लगें। इसी बात से ग्रामीण उग्र हो गए और कालेज में घुस कर कुर्सी मेज़ तोड़ने के साथ ही मारपीट शुरू कर दिए। रोकने आए कालेज के प्रबंधक के पुत्र दिव्यांशु को मारपीट कर घायल कर दिया। प्रबंधक मनोज पाल और उनकी महिला सहयोगी विभा श्रीवास्तव ने कमरे में घुस कर अपने को बंद कर लिया। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष अहरौला प्रदीप कुमार वरिष्ठ उपनिरीक्षक कुलदीप सिंह, रवींद्र पाण्डेय उप निरीक्षक श्याम कुमार दुबे, श्रीप्रकाश मिश्र, विजय बहादुर सिंह सहित थाने की पुलिस पहुंच गई। पुलिस के समझाने बुझाने के बाद ग्रामीण वहां से अपने अपने घर गए। उसके बाद पुलिस ने अपनी सुरक्षा में कालेज के प्रबंधक मनोज पाल, महिला सहयोगी विभा श्रीवास्तव और उनके पुत्र शोभित को अपनी अभिरक्षा में थाने ले गई।इस घटना से क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है।समाचार लिखे जाने तक दोनों पक्ष थाने पर डटे थे और एक दूसरे पर छेड़खानी और मारपीट का आरोप लगा रहे थे। इस संबंध में थानाध्यक्ष अहरौला प्रदीप कुमार का कहना है कि दोनों पक्षों को पुलिस ने शांत करा दिया है। घटना की सत्यता और कारणों की जांच की जा रही। जो भी तथ्य सामने आयेगे विधि सम्मत कार्यवाही होगी।
रिपोर्ट-श्यामसिंह