आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां मांगों को लेकर हुई मुखर

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आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। आंगनवाड़ी संयुक्त मोर्चा ने लंबित मांगों तथा वर्तमान की ज्वलंत समस्याओं के समाधान हेतु जिला मुख्यालय पर बैठक की। पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित मांगपत्र जिलाधिकारी को सौंपा। यदि समय रहते हमारी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आंगनवाड़ी कार्यकर्ता विवश होकर आगामी 8 मार्च को लखनऊ की ओर कूच करेंगी जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।
जिलाध्यक्ष हेमा गुप्ता ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकत्रियां एवं सहायिकाएं विगत कई दशकों से महिला एवं बाल विकास विभाग की आधारशिला के रूप में कार्य करते हुए पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा, टीकाकरण, मातृ-शिशु देखभाल सहित केंद्र एवं राज्य सरकार की अनेकों योजनाओं का सफल क्रियान्वयन करती चली आ रही हैं। इसके बावजूद आज भी आंगनवाड़ी कर्मचारियों को न तो पूर्णकालिक सरकारी कर्मचारी का दर्जा प्राप्त है और न ही उन्हें वैधानिक सामाजिक सुरक्षा एवं सम्मानजनक सुविधाएं उपलब्ध करायी गयी हैं। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। मांगों से संबंधित ज्ञापन सरकार को अनगिनत बार पूर्व में दिया जा चुका है, किंतु सरकार की तरफ से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं की गई। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानसिक और आर्थिक शोषण बढ़ता जा रहा है। इसलिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को कोई भी काम कराने से पहले संसाधन मुहैया कराया जाए साथ ही सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए और जब तक सरकारी कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया जाता तब तक उनका मानदेय में बढ़ोत्तरी करते हुए सम्मानजनक मानदेय दिया जाए। प्रशासनिक एवं विभागीय अधिकारियों द्वारा लिखित या मौखिक आदेश के माध्यम से सेवा समाप्ति का भय दिखाकर राजनीतिक कार्यक्रमों/समारोहों में भीड़ के रूप में उपयोग किए जाने की बढ़ती प्रवृत्ति पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाय।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष नीतू पांडेय, जिलाध्यक्ष कंचन यादव, गूंजा बरनवाल, प्रेमशीला यादव, सुशीला देवी, रेखा बिंद, शशिकला यादव, पूनम सिंह, सुनीला देवी, वंदना मौर्या, अमिता सिंह, किरन, सुनीता, गीता, नीलम, शोभावती, संध्या, पूनम, अनीता, सीता, रिंकू, मधुबाला, मीरा, मनीता, संगीता सुषमा, आशा, सरिता, विमला, सीमा, प्रमिला, प्रतिभा, ऊषा आदि उपस्थित रहीं।
रिपोर्ट-प्रमोद यादव/ज्ञानेन्द्र कुमार

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