आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। सगड़ी तहसील के देवारा क्षेत्र में बहने वाली सरयू (घाघरा) नदी का जलस्तर बुधवार को छह सेंटीमीटर कम हो गया, लेकिन नदी अभी खतरा निशान से 64 सेमी ऊपर बह रही थी। हालात को देखते हुए बगहवा के बाद चक्की हाजीपुर, शाहडीह, भदौरा मकरंद समेत 20 परिषदीय स्कूलों में बच्चों के लिए अवकाश घोषित कर दिया गया है, लेकिन आबादी के आसपास पानी होने के कारण पशुओं के लिए हरे चारे की समस्या उत्पन्न हो गई है। झगरहवा गांव के मेधू, राजनाथ, माधवपुर के जै बिहारी व बूढ़नपट्टी के अंगद ने बताया कि बाजरा की फसल डूबने व आसपास पानी होने से हरे चारे की समस्या बढ़ गई है।
मंगलवार को नदी खतरा निशान 71.68 मीटर से 70 सेमी ऊपर 72.38 मीटर पर बह रही थी, जबकि सोमवार को जलस्तर छह सेमी घटकर 72.32 मीटर हो गया। इस बीच सैंतीसवें दिन भी तीन बैराजों से छोड़े गए 2,78,692 क्यूसेक पानी के कारण बाढ़ का संकट बरकरार है। दर्जन भर गांवों के रास्ते अभी भी बाढ़ के पानी में डूबे हैं और ग्रामीणों के आवागमन के लिए चार स्थानों पर चार नाव को बढ़ाकर सोमवार को ही उसकी संख्या 12 कर दी गई है। जलस्तर बढ़ने के बाद अभी झगरहवा और बगहवा में कटान थम गई है। इस बीच आठ जुलाई से पानी छोड़ने का क्रम सैंतीसवें दिन भी बना रहा। इस प्रकार अब तक 103,24,110 क्यूसेक पानी छोड़ा जा चुका है। बीच में 25 जुलाई को पानी नहीं छोड़ा गया था।
जलस्तर में तीन महीने उतार-चढ़ाव के कारण फिलहाल प्रशासन पहले से अलर्ट था, लेकिन दूसरी बार 72 मीटर से ऊपर जलस्तर पहुंचने से ज्यादा सतर्क हो गया है। एसडीएम और तहसीलदार खुद भी स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
रिपोर्ट-सुबास लाल