आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। नौ सूत्री लंबित मांगों पर हीला-हवाली होते देख बुधवार को दी डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के सब्र का बांध टूट गया और पूरे कचहरी परिसर में नारेबाजी और चक्रमण किया। लामंबद होकर कलेक्ट्रट परिसर में स्थित अशोक स्तंभ के समक्ष अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गये। इस दौरान एसडीएम प्रियंका सिंह द्वारा वरिष्ठ अधिवक्ता के साथ दुव्यर्वहार किये जाने के मामले की भी भर्त्सना की गई।
दी डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविन्द कुमार पाठक ने कहाकि न्यायालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार पर डीएम ने हमें कई बार आश्वासन दिया लेकिन आज तक इस पर कोई भी गंभीरता नहीं दिखाई गई। जिससे बाध्य होकर अनिश्चित काल के लिए धरना प्रदर्शन करने को बाध्य हुए हैं। श्री पाठक ने बताया कि पत्रावलियों में समय से आदेश न आना, उच्च न्यायालय तथा सर्वाेच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन जनपद स्तरीय अधिकारियों द्वारा न किया जाना, आदेशों के विरूद्ध तजबिसानी स्वीकार न करना, धारा 67 में राजस्व निरीक्षकों/लेखपालों द्वारा मनमानी आख्या प्रस्तुत करना, न्यायालयों में न्यायिक प्रक्रिया का पालन न होना आदि शामिल है। जब तक हमारी प्रमुख मांगों पर समुचित कार्यवाही नहीं होती तब तक हम अनिश्चितकालनी धरना प्रदर्शन करेंगे। अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी के विरूद्ध जमकर नारेबाजी की।
बताते चले कि न्यायालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार सहित नौ सूत्री मांगों को लेकर अधिवक्ताओं ने दो माह पूर्व जिलाधिकारी को पत्रक सौंपा था, जिस पर डीएम ने दो माह का आश्वासन दिया था। दो माह बीत जाने के बाद भी न्यायिक कार्याे में कोई भी अपेक्षित सुधार न होता देख अधिवक्ता जिला प्रशासन के खिलाफ लामबंद हो गये और अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गये।
अध्यक्षता बार अध्यक्ष अरविन्द कुमार पाठक व संचालन सहमंत्री भोलानाथ यादव ने किया।
रिपोर्ट-दीपू खरवार