फूलपुर आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। वर्षों पूर्व उच्च न्यायालय द्वारा सार्वजनिक स्थलों पर स्थित तालाब, पोखरा एवं कुओं को किसी भी दशा में बंद न किए जाने का सख्त आदेश दिया गया था, लेकिन राजस्व विभाग की उदासीनता के कारण आज तक उक्त आदेश का समुचित अनुपालन नहीं हो पा रहा है। तहसील क्षेत्र में स्थित अनेक तालाब, पोखरे और कुएँ धीरे-धीरे अस्तित्व से समाप्त किए जा रहे हैं, जबकि प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।
मंदिर की भूमि पर बने पोखरे हों या पूर्वजों द्वारा निर्मित सार्वजनिक कुएँ उन पर वंशजों द्वारा अवैध निर्माण कर उन्हें पाटने का सिलसिला लगातार जारी है। शिकायतों के बावजूद संबंधित विभागों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
इसी क्रम में नगर पंचायत फूलपुर के शनिचर बाजार में स्थित वर्षों पुराना सार्वजनिक कुआँ दबंगों के निशाने पर है। आरोप है कि एक परिवार द्वारा कुएँ की भूमि एवं सार्वजनिक रास्ते पर अवैध कब्जा किया जा रहा है। इसको लेकर सोनकर समाज के लोगों ने विरोध दर्ज कराया है। कुएँ को पाटे जाने से रोकने के लिए 20 दिसंबर 2025 से 24 जनवरी तक तहसील समाधान दिवस, जनसुनवाई पोर्टल एवं उपजिलाधिकारी फूलपुर सहित अन्य अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दिए गए, लेकिन आज तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
न्याय न मिलता देख सोनकर समुदाय के लोगों ने सम्पूर्ण तहसील समाधान दिवस पर पुनः प्रार्थना पत्र सौंपा, जिसमें उच्च न्यायालय के आदेश की प्रति संलग्न कर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई तथा कुएँ व सार्वजनिक रास्ते को अतिक्रमण से मुक्त कराए जाने की मांग की गई है। अब देखना यह है कि प्रशासन उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन कर सार्वजनिक धरोहरों की रक्षा करता है या फिर ऐसे मामले फाइलों में ही दबकर रह जाएंगे। इस सम्बंध में उपजिलाधिकारी फूलपुर ने बताया गया कि उच्चन्यायायल के आदेश का पालन कराया जाएगा सार्वजनिक रास्ता किसी हाल में बन्द नही होगा।
रिपोर्ट-पप्पू सिंह/मुन्ना पाण्डेय