आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय परिसर के प्रशासनिक भवन के समक्ष यूजीसी सारथी पहल के अंतर्गत कुलपति प्रो. संजीव कुमार के दिशा-निर्देश एवं समन्वयक व सारथी एन.ईपी. संयोजक डॉ. सर्वेश सिंह के मार्गदर्शन में नई शिक्षा-नीति 2020 पर आधारित विशेष नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ही था छात्रों में एनईपी 2020 के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें शिक्षा की समग्रता से अवगत कराना।
विश्वविद्यालय परिसर के छात्र-छात्राओं ने नई शिक्षा नीति 2020 की महत्ता को नुक्कड़ नाटक के माध्यम से प्रस्तुत कर जन जागरण अभियान चलाया। इस नुक्कड़ नाटक का मुख्य आकर्षण कौशल आधारित अधिगम, बहु विषयक शिक्षा, उच्च शिक्षा में बड़े बदलाव, मल्टीपल एंट्री व मल्टीपल एग्जिट, समग्र विकास और रचनात्मक व कौशल विकास 5$3$3$4 प्रणाली और समग्र शिक्षा दृष्टिकोण जो केवल एकेडमी ज्ञान तक सीमित न रहकर बच्चों के संपूर्ण व्यक्तित्व के विकास पर ध्यान केंद्रित करता है। इसमें बौद्धिक, भावनात्मक, शारीरिक, सामाजिक, नैतिक और आध्यात्मिक विकास शामिल है को बड़े ही सरल एवं सादगी पूर्ण ढंग से प्रदर्शित किया। नई शिक्षा नीति 2020 के पाठ्यक्रम में काफी विकल्प मौजूद हैं। वर्तमान परिवेश में नई शिक्षा नीति 2020 की आवश्यकता व उपयोगिता को रेखांकित कर कलाकारों ने उपस्थित दर्शकों छात्र-छात्राओं को अभिभूत कर दिया। नुक्कड़ नाटक में लगभग 22 से 23 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। नाटक का नेतृत्व परास्नातक राजनीतिक विज्ञान की छात्रा अंकिता सिंह ने किया।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने छात्र-छात्राओं द्वारा नई शिक्षा नीति 2020 की महत्ता को बड़े ही सादगी पूर्ण तरीके से की गई प्रस्तुति को सराहा। उन्होंने अपने उद्बोधन में यह भी कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 का मूल भाव ही है समग्र विकास, कौशल उन्नयन और रचनात्मकता। जिसको परिसर के विद्यार्थियों ने आज नुक्कड़ नाटक के माध्यम से प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया है जो निश्चय ही काबिले तारीफ है।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय परिसर के प्रशासनिक अधिकारी एवं प्राध्यापक के अतिरिक्त विश्वविद्यालय के कर्मचारी एवं भारी संख्या में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति रही।
रिपोर्ट-प्रमोद यादव/ज्ञानेन्द्र कुमार