आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन व अपर पुलिस अधीक्षक यातायात, नोडल अधिकारी महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन के पर्यवेक्षण में रविवार को परिवार परामर्श प्रकोष्ठ, नई-किरण की बैठक आयोजित की गयी, जिसमें 9 पत्रावलियों में दोनों पक्षों को फोन, नोटिस द्वारा सूचित कर मिडिएशन हेतु बुलाया गया था। मिडिएशन में 8 पत्रावलियों में पक्षों की उपस्थिति हुई, जिसमें से एक पत्रावली में एक जोड़ा कुशलता प्रकट करने हेतु आये तथा एक पत्रावली में अथक प्रयास के बाद समझा-बुझाकर पति-पत्नी का पुनर्मिलन, समझौता कराया गया। प्रकरण में ससुराल पक्ष द्वारा दहेज व उत्पीड़न के सम्बन्ध में शिकायत की गयी थी। नई किरण प्रोजेक्ट से जनपद में बिखरे हुए परिवारों में एक नई रोशनी आयेगी तथा इससे पारिवारिक न्यायालय में कार्यबोझ कम होगा। नई किरण प्रोजेक्ट, बिखरे हुए परिवारों को एक सूत्र में बांधने का प्रयास है। एक पत्रावली न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण बन्द की गयी है, शेष पत्रावलियों में पक्षों को अग्रिम तिथि के लिए नोटिस, फोन द्वारा सूचित कर मेडिएशन किया जायेगा।
इस अवसर पर काउन्सलर डॉ.उमेशचन्द्र पाण्डेय, काउन्सलर संध्या राय, उपनिरीक्षक गुरु ज्ञान चन्द्र पटेल प्रभारी महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन, उपनिरीक्षक महेन्द्र तिवारी प्रभारी परिवार परामर्श प्रकोष्ठ, उपनिरीक्षक वरूणेश कुमार मिश्र प्रभारी आर्थिक सहायता प्रकोष्ठ, महिला उपनिरीक्षक प्रज्ञा सिंह थानाध्यक्ष महिला थाना, महिला आरक्षी नेहा सिंह, आरक्षी जितेन्द्र कुमार शाह व पुलिस लाइन से मुख्य आरक्षी संदीप यादव, महिला आरक्षी कुमारी शालू उपस्थित रहीं।
रिपोर्ट-सुबास लाल