आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन द्वारा दिये गये निर्देश के क्रम में जनपद में फसल अवशेष जलाये जाने की घटना को रोके जाने हेतु जनपद के समस्त कम्बाईन हार्वेस्टर में फसल अवशेष प्रबन्धन यंत्र सुपर स्ट्रॉ मैनेजमेन्ट सिस्टम लगाते हुए उप कृषि निदेशक, आजमगढ़ कार्यालय से अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त करना था। उप कृषि निदेशक, मुकेश कुमार द्वारा जनपद के समस्त कम्बाईन हार्वेस्टर मालिकों से अपील किया गया है कि अग्रिम 2 दिवस के अन्दर अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त कर लें। अन्यथा की दशा में राष्ट्रीय हरित अधिकरण के गाईडलाइन के अनुसार विधिक कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने कहा कि धान की पराली को जलायें नहीं, बल्कि उसको सड़ाकर खाद के रूप में प्रयोग करें, जिससे भूमि की उर्वरा शक्ति बनी रहे। उक्त के अतिरिक्त धान कटाई में प्रयोग किये जा रहे कम्बाईन हार्वेसिं्टग मशीन के साथ सुपर स्ट्रा मैनेजमेन्ट सिस्टम, स्ट्रारपर, स्ट्रारेक अथवा बेलर अनिवार्य रूप से प्रयोग करें। इसका परिपालन न करने वाले कम्बाईन हार्वेस्टर मालिकों के विरूद्ध यंत्र सीजर की कार्यवाही प्रशासन द्वारा की जायेगी तथा पराली प्रबन्धन के यंत्रों को उनके व्यय पर इन्स्टाल कराये जाने के उपरान्त ही छोड़ा जायेगा। साथ ही कृषि अपशिष्टों को जलाने वाले दोषी व्यक्तियों को माननीय राष्ट्रीय हरित अधिकरण के आदेश के क्रम में पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति हेतु नियमानुसार अर्थदण्ड देना पड़ेगा।
रिपोर्ट-प्रमोद यादव/ज्ञानेन्द्र कुमार