आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। शारदीय नवरात्र के आखिरी दिन सोमवार को दर्शन-पूजन को लेकर लोगों में कुछ ज्यादा ही उत्साह दिखा। किन्हीं कारणों से व्रत न रख पाने वाले भी स्नान के बाद मंदिर पहुंचे और दर्शन-पूजन के बाद क्षमा प्रार्थना की। घर-घर में मां की आराधना के बाद आस्था का नारियल और प्रेम की चुनरी के साथ हलवा-पूड़ी और हवन-पूजन के साथ मां को विदाई दी गई। जिनके घर कलश की स्थापना की गई थी वहां घर और जिनके घर कलश की स्थापना नहीं की गई थी उन्होंने मंदिरों में पहुंचकर हवन कराया। शहर में सर्वाधिक भीड़ चौक स्थित दक्षिणमुखी देवी के दरबार में दिखी। यहां ब्राह्मणों ने संकल्प दिलाने के बाद हवन कराया। सुबह पांच बजे से ही शहर के दक्षिणमुखी देवी मंदिर में श्रद्धालु एकत्र होने लगे थे। मां की एक झलक पाने की होड़ मची थी। इसी तरह शहर के बड़ादेव मंदिर में भी दोपहर तक श्रद्धालुओं का रेला लगा रहा। यहां हवन कुंड में लोगों ने आहुति डाली। हवन कुंड से उठ रहे धुएं से पूरा वातावरण सुवासित हो उठा। इस दौरान मां का जयकारा गूंजता रहा।
रिपोर्ट-सुबास लाल