अतरौलिया आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। श्री आदर्श रामलीला समिति छितौनी के तत्वावधान में रामलीला के चौथे दिन बुधवार की रात कलाकारों ने धनुष यज्ञ, राम विवाह, परशुराम-लक्ष्मण संवाद और रावण-बाणासुर संवाद का प्रभावशाली मंचन किया। कलाकारों के संवाद और अभिनय ने दर्शकों को रामकथा के प्रसंगों से जोड़े रखा। बाहर से आई संगीत मंडली की धुनों ने मंचन को और जीवंत बना दिया। देर रात तक दर्शक रामलीला का आनंद लेते रहे।
गांव के वरिष्ठ कलाकार सुरेंद्र यादव ने बताया कि उन्हें वर्षों से रामलीला में अलग-अलग किरदार निभाने का अवसर मिलता रहा है। गांव के लोगों के लिए यह केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि अपनी कला और परंपरा को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम भी है। वहीं, प्रधान प्रतिनिधि नरसिंह ने बताया कि रामलीला छितौनी की सांस्कृतिक पहचान बन गई है। इसे देखने के लिए प्रतिदिन करीब एक हजार दर्शक पहुंचते हैं।
रिपोर्ट-आशीष निषाद