लालगंज आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। अखिल भारतीय विद्या भारती शिक्षा संस्थान के तत्वावधान में वंदे मातरम गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शुक्रवार को विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में वंदे मातरम के सामूहिक गायन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य राष्ट्रीय एकात्मता और सांस्कृतिक स्वाभिमान की भावना को जागृत करना रहा।
मुख्य अतिथि विद्यालय के पूर्व प्रधानाचार्य ओम प्रकाश सिंह तिलखरा रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि ओम प्रकाश सिंह, प्रधानाचार्य भानु प्रताप त्रिपाठी तथा प्रबंधन तंत्र के पदाधिकारियों ने मां भारती एवं बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर एवं पुष्प अर्पित करके किया।
मुख्य अतिथि ओम प्रकाश सिंह ने कहा कि वंदे मातरम गीत की रचना प्रसिद्ध बंगाली साहित्यकार बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने की थी। वर्ष 1882 में प्रकाशित उनके प्रसिद्ध उपन्यास ‘आनंदमठ’ में इस गीत को शामिल किया गया।
प्रधानाचार्य भानु प्रताप त्रिपाठी ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में अनेक वीरों ने मातृभूमि के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। वंदे मातरम ऐसा ही प्रेरणादायी गीत है, जिसने स्वतंत्रता सेनानियों में देशभक्ति की भावना को प्रबल किया।
इस अवसर पर अतुल बरनवाल, डॉ. सतीश चंद्रा, मालिक राम, रवि प्रकाश बरनवाल, बृजेश जायसवाल, कृष्ण कुमार विश्वकर्मा, सुधीर बरनवाल, मनोरमा देवी, डॉ. विजय बहादुर सिंह, यशवंत, लाल बहादुर सिंह, संजय पाठक, रामनरेश यादव, आनंद कुमार, अंजू मौर्य, अनामिका सिंह, शरद दीक्षित, शेषमणि, गिरधारी लाल, अनुराग, उमाकांत, राकेश सरोज, लोकनाथ, सुजीत विश्वकर्मा आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता प्रधानाचार्य भानु प्रताप त्रिपाठी तथा संचालन डॉ. विजय बहादुर सिंह ने किया।
रिपोर्ट-मकसूद अहमद