अतरौलिया आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। ब्लॉक सभागार परिसर में राष्ट्रीय पोषण माह के अंतर्गत ग्रामीण पुनर्निर्माण संस्थान और फोर्सेस उत्तर प्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा ‘एक कदम स्वस्थ बचपन की ओर’ पोस्टर का विमोचन किया गया। साथ ही एक गर्भवती महिला की गोद भराई और एक शिशु का अन्नप्राशन संस्कार भी कराया गया।
मुख्य अतिथि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. शिवाजी सिंह ने कहा कि देश को सुपोषित बनाने में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका सबसे अहम है। उन्होंने हरी सब्जियां, दालें, दही और मोटे अनाज को दैनिक आहार में शामिल करने की अपील की। एचईओ जितेंद्र कुमार ने कहा कि श्रम के अनुपात में संतुलित भोजन ही स्वस्थ शरीर का आधार है। वहीं भोजन का अधिकार अभियान के प्रतिनिधि राजशेखर ने पैकेज्ड व अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड से परहेज कर सत्तू, भुना चना, मूंगफली, दलिया और मौसमी फलों जैसे स्थानीय पौष्टिक विकल्पों को अपनाने पर जोर दिया। संस्थान के राजदेव ने बताया कि विभागीय तालमेल और तकनीक के प्रयोग से कुपोषण के खिलाफ लड़ाई में निरंतर सफलता मिल रही है।
इस अवसर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा पोषण से भरपूर साग-सब्जियों व फलों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। सराहनीय कार्य के लिए पांच आंगनबाड़ी बहनों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर सीडीपीओ सीता यादव, बीसीपीएम सुरेश पांडेय सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहीं।
रिपोर्ट-आशीष निषाद