फूलपुर आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। सड़क को अतिक्रमणमुक्त कराने के अभियान में प्रशासन पर दोहरा मापदंड अपनाने के आरोप लगने लगे हैं। माहुल मोड़ से उदपुर पेट्रोल पंप तक लोक निर्माण विभाग की सड़क पर राजस्व विभाग ने सीमांकन कर अतिक्रमण की निशानदेही की थी। इसके बाद लोक निर्माण विभाग की ओर से 115 कब्जाधारकों को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया था।
समय सीमा समाप्त होने के बाद दो जुलाई को प्रशासन ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। मौके पर राजस्व कर्मियों के साथ लोक निर्माण विभाग के अभियंता, एसडीएम और क्षेत्राधिकारी सहित कई थानों की पुलिस मौजूद रही। बैकहो लोडर से माहुल मोड़ की उत्तरी पटरी पर भवनों और दुकानों को ध्वस्त कर दिया गया। प्रशासन की ओर से मलबा तत्काल हटाने के लिए ध्वनि विस्तारक यंत्र से निर्देश दिए गए। कार्रवाई का असर रहा कि चार दिन के भीतर लोगों ने दिन-रात मेहनत कर मलबा हटा लिया।
कार्रवाई के बाद अब स्थानीय लोगों में सवाल उठने लगे हैं। उनका कहना है कि जब अतिक्रमण सड़क की दोनों पटरियों पर था और राजस्व विभाग द्वारा पूरे मार्ग का सीमांकन किया गया था तो दक्षिणी पटरी पर कार्रवाई अब तक क्यों नहीं हुई? लोगों का आरोप है कि कमजोर और गरीब तबके के लोगों के कब्जे पर तो तत्काल कार्रवाई कर दी गई, लेकिन दूसरी पटरी पर अभियान आगे बढ़ाने में प्रशासन की सुस्ती समझ से परे है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक कई परिवार करीब 40 वर्षों से यहां दुकान और अन्य कारोबार कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। लोगों का कहना है कि यदि सड़क की जमीन पर अतिक्रमण है तो कार्रवाई सभी के खिलाफ समान रूप से होनी चाहिए।
अब चर्चा का विषय यही है कि प्रशासन द्वारा दक्षिणी पटरी को अतिक्रमणमुक्त करने की कार्रवाई कब शुरू की जाएगी। स्थानीय लोगों ने उच्चाधिकारियों से पूरे मार्ग पर समान कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि अभियान की निष्पक्षता पर उठ रहे सवालों का समाधान हो सके।
इस सम्बंध में एसडीएम फूलपुर अशोक कुमार ने बताया कि उत्तर तरफ राजस्व निरीक्षक लेखपालों की संयुक्त टीम द्वारा सीमांकन कर चिन्हित कर रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी गयी है। नोटिस आदि का काम लोक निर्माण विभाग द्वारा किया जाना है कल पता करता हूं क्या निर्देश हुआ विलंब क्यों है।
रिपोर्ट-मुन्ना पाण्डेय