लालगंज आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। रमज़ानुल मुबारक के पाक महीने में जहां लोग रोज़ा रखकर इबादत और गुनाहों से तौबा में मशगूल हैं, वहीं नन्हें बच्चों में भी रोज़े को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। बसही इक़बालपुर निवासी अजका आदिल और आरिश आमिर ने महज़ पांच वर्ष की उम्र में अपनी ज़िंदगी का पहला रोज़ा रखा।
इनके दादा सुफियान अहमद के अनुसार दोनों बच्चों में रोज़े को लेकर गज़ब का जोश और खुशी देखने को मिली। बच्चों ने सहरी और इफ्तार में पूरी दिलचस्पी ली और सफलतापूर्वक रोज़ा पूरा किया। परिवार के लोगों ने बच्चों की हौसला-अफ़ज़ाई की और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए दुआएं कीं।
इसी तरह बसही इक़बालपुर के ही रहने वाले हनफ़ा हुज़ैफ़ा 7 वर्ष और आयरा अलतमश 6 वर्ष ने भी अपनी ज़िंदगी का पहला रोज़ा रखा। बच्चों ने सहरी और इफ्तार में रुचि दिखाई और पूरे अनुशासन के साथ रोज़ा मुकम्मल किया। इस अवसर पर दादा मुजाहिद सिद्दीकी समेत परिवारजनों और रिश्तेदारों ने बच्चों की सराहना करते हुए उन्हें नेक दुआएं दीं।
रिपोर्ट-मकसूद अहमद