आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय परिसर में कुलपति प्रो. संजीव कुमार की प्रेरणा से परिसर में ही स्थित शिवाजी महाराज पुरुष छात्रावास में परमवीर छत्रपति शिवाजी का जन्मोत्सव अत्यंत श्रद्धा, उत्साह एवं हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलसचिव वित्त अधिकारी सहायक कुल सचिव एवं छात्रावास के वार्डन ने महाराज जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया।
कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज का जीवन साहस, स्वाभिमान, संगठन शक्ति एवं राष्ट्रभक्ति का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे महाराज के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान दें।
कुलसचिव डॉ अंजनी कुमार मिश्रा ने कहा कि शिवाजी महाराज का अद्भुत युद्ध कौशल, दूरदर्शिता, प्रशासनिक क्षमता एवं ज्ञान आज भी हमारे देश के सैनिकों और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। वित्त अधिकारी ने कहा कि शिवाजी का गुरिल्ला युद्ध मुगल शासको के नाक में दम करने के लिए पर्याप्त था। मुगल शासक उनके इस युद्ध नीति से घबरा गए थे और हर जगह असफल हो रहे थे। गोरिल्ला युद्ध दुश्मनों के प्रति उनका सबसे बड़ा हथियार था।
इस अवसर पर सहायक कुलसचिव डॉ.महेश कुमार श्रीवास्तव, छात्रावास प्रभारी डॉ.अंकुर, डॉ.हिमांशु एवं सह-प्रभारी सहित विश्वविद्यालय के गैर शैक्षणिक कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहीं।
रिपोर्ट-प्रमोद यादव/ज्ञानेन्द्र कुमार