तथागत सम्मान के लिए चयनित हुई ‘लाल’ की रचना

शेयर करे

अहरौला आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। भोजपुरी लोकभाषा के रचनाकार लालबहादुर चौरसिया ‘लाल’ के लिए यह अत्यंत गौरव का क्षण है कि उनके द्वारा भोजपुरी में रचित 101 रचनाओं की पांडुलिपि (अप्रकाशित पुस्तक) “चुभे लागल बरगद कऽ छांव” का चयन भोजपुरी युवा लेखक पांडुलिपि प्रकाशन योजना के अंतर्गत राहुल सांकृत्यायन लोकभाषा भोजपुरी तथागत सम्मान के लिए किया गया है।
इस संबंध में जानकारी 6 जनवरी 2026 को उन्हें प्रतिष्ठित साहित्यकार डॉ.प्रतिभा सिंह द्वारा व्हाट्सएप पर प्रेषित तथागत संस्था की प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही रचनाकार ने अपनी भोजपुरी रचनाओं को संकलित करने का कार्य प्रारंभ किया और कड़ी मेहनत के बाद कुल 110 पृष्ठों की पांडुलिपि तैयार कर निर्धारित पते पर समय से भेजी।
बीते 16 फरवरी को ईमेल के माध्यम से मिली सूचना से रचनाकार अत्यंत हर्षित हो गए, जब यह ज्ञात हुआ कि उनकी पांडुलिपि “चुभे लागल बरगद कऽ छांव” का तथागत साहित्यिक संस्था द्वारा चयन कर लिया गया है। इस खुशी में उस समय और वृद्धि हुई जब यह भी पता चला कि डॉ.प्रतिभा सिंह की पांडुलिपि “जब नेह कऽ धागा टूटेला” भी चयनित हुई है।
लालबहादुर चौरसिया ‘लाल’ ने चयन प्रक्रिया में शामिल सभी सम्मानित साहित्यकारों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है। साथ ही तथागत संस्था की संयोजिका, साहित्यकार डॉ.सोनी पांडेय के प्रति विशेष रूप से कृतज्ञता प्रकट की है। उन्होंने सभी शुभचिंतकों को इस उपलब्धि के लिए धन्यवाद दिया।
रिपोर्ट-संतोष चौबे

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *