आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। राष्ट्रीय सामाजिक न्याय आन्दोलन के बैनर तले यूजीसी रेगुलेशन 2026 के समर्थन में छात्रों के अभिभावकों और बुद्धिजीवियों तथा अधिवक्ताओं ने जिला मुख्यालय स्थित रिक्शा स्टैण्ड पर धरना, सभा के पश्चात राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन जिलाअधिकारी को सौंपा। प्रदर्शन के दौरान जमकर नारेबाजी हुई।
यूजीसी रेगुलेशन 2026 को पूरी तरह लागू करने के लिए आज मुख्यालय पर राष्ट्रीय सामाजिक न्याय आन्दोलन के आवाहन पर छात्र/छात्राओं के अभिभावक, बुद्धिजीवी तथा अधिवक्ता बड़ी संख्या में एकत्र हुए। धरने को सम्बोधित करते हुए दुखहरन सत्यार्थी ने सरकार की दलित, पिछड़ा,महिला, अल्पसंख्यक विरोधी नीति पर हमला किया। वहीं दीवानी बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सूबेदार यादव ने जातिवाद को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए तर्क रखा। विमला यादव एडवोकेट ने परिसरों में महिलाओं पर हो रहे अत्याचार पर विचार रखा। जुलूस रिक्शा स्टैण्ड से चलकर महा पण्डित राहुल सांकृत्यायन की प्रतिमा से होते हुए, कुंवर सिंह उद्यान के बगल से होते हुए, कलेक्ट्रेट मुख्य गेट पर पहुंचा। वहां राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन जिला अधिकारी को सौंपा गया। पूरा कार्यक्रम राष्ट्रीय सामाजिक न्याय आंदोलन के सचिव दिनेश यादव के संयोजन के साथ संपन्न हुआ। धरना की अध्यक्षता व जुलूस का नेतृत्व राष्ट्रीय सामाजिक न्याय आंदोलन आजमगढ़ के अध्यक्ष रामकुमार यादव व सामाजिक न्याय एवं बाल भवन केंद्र के निदेशक रामजनम यादव ने किया। संचालन अरविंद कुमार भारती एडवोकेट ने किया।
रिपोर्ट-प्रमोद यादव/ज्ञानेन्द्र कुमार