निजामाबाद आज़मगढ (सृष्टिमीडिया)। निजामाबाद तहसील क्षेत्र के भड़सरा गांव निवासी भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष विधान परिषद सदस्य विजय बहादुर पाठक ने मंगलवार को विधान परिषद में नियम 115 के अंतर्गत आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के वेतन से की जा रही ई०पी०एफ० (कर्मचारी भविष्य निधि) कटौती की धनराशि कर्मचारियों के खातों जमा कराये जाने की सुनिश्चित्त व्यवस्था कराये जाने की मांग की।
विधान परिषद में अपनी बात रखते हुए एमएलसी विजय बहादुर पाठन ने कहा कि राज्य में आउटसोर्सिंग के आधार पर काम कर रहे कर्मचारियों के प्रति संवेदनशीलता का परिचय देते हुए मुख्यमंत्री ने आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए आउटसोर्सिंग सेवा निगम बनाये जाने का निर्णय लिया जिसकी सम्पूर्ण राज्य में प्रशांसा हो रही है। पिछली सरकारों में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का शोषण होना आम बात हो गयी थी। लेकिन इस बीच राज्य में कई स्थानो से यह जानकारी मिल रही है कि ये जो आउटसोर्सिंग कर्मचारी है इनका ई०पी०एफ० (कर्मचारी भविष्य निधि) की कटौती तो वेतन से नियमित रूप से की जा रही है किन्तु रकम इनके खातों में नही पहुंच रही है। इसको लेकर आउटसोर्सिंग कर्मचारियों में छोभ व्याप्त है। जगह-जगह कर्मचारी इसकी शिकायत सम्बंधित विभागाध्यक्ष से कर रहे है। विभागाध्यक्ष सम्बंधित ठेकेदार व सेवा प्रदाता कम्पनी के ऊपर दोष मढ़ के इतिश्री कर ले रहे है। कई स्थानों पर यह विषय आन्दोलन का रूप ले रहा है, तो ठेकेदार व सेवा प्रदाता कम्पनी को हटाने का निर्णय ले लिया जाता है। किन्तु कर्मचारियों की समस्या जस की तस है। बरेली, गाजियाबाद, आगरा, कानपुर, वाराणसी सहित कई नगर निगमों में इस तरह की जानकारी आयी है। लखनऊ में तो नगर निगम के कर्मचारियों ने लिखित शिकायत अधिकारियों को दी कि उनकी ई०पी०एफ० की राशि ऐजेंसी, ठेकेदार व नगर निगम के अधिकारी मिलीभगत कर हड़प रहे है। अतः लोक महत्व के इस तत्कालिक विषय पर सरकार का ध्यान आकृष्ट करते हुए आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के वेतन से की जा रही ई०पी०एफ० (कर्मचारी भविष्य निधि) कटौती की धनराशि कर्मचारियों के खातों जमा कराये जाने की सुनिश्चित्त व्यवस्था कराये जाने की मांग की।
रिपोर्ट-वीरेन्द्रनाथ मिश्र