आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। उत्तर प्रदेश सरकार भारत सरकार के निपुण अभियान, समग्र शिक्षा अभियान, पीएम श्री योजना, निपुण भारत डिजिटल इनीशियेटिव को लेकर काफी सजग है। इसी क्रम में एक विशेष पहल के तहत जाफरपुर स्थित जिला शिक्षा व प्रशिक्षण संस्थान पर जनपद के समस्त ब्लाकों से आमंत्रित किये गये बेसिक शिक्षा परिषद के अध्यापकों को डिजिटल एंबेसडर की ट्रेनिंग दी जा रही है।
उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत परिषदीय और उच्च प्राथमिक स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम, आईसीटी लैब, दिये तो गये लेकिन उचित प्रशिक्षण के अभाव में ये धूल ही फांक रहे थे। जिसके परिणाम स्वरूप डिजिटल इनोवेशन की सरकार की मंशा साकार नहीं हो पा रही थी। इसी तथ्य को ध्यान में रखते हुए एससीईआरटी के सौजन्य से बेसिक शिक्षकों को डिजिटल एंबेसडर बनाने की एक पहल चल निकली।
प्रशिक्षण की नोडल प्रभारी डॉ. निरूपमा गुप्ता ने बताया कि इस प्रशिक्षण के बाद हमारे अध्यापक स्मार्ट क्लासरूम, आईसीटी लैब, डिजिटल टूल्स जैसे एमएस वर्ड, एक्सेल, पावर प्वाइंट, स्मार्ट बोर्ड, कोडिंग, एआई बेसिक्स, डिजिटल लिटरेसी के ज्ञान से परिपूर्ण हो जायेंगें। मास्टर ट्रेनर रिजवाना खातून ने बताया कि जनपद में कुल 16 सौ अध्यापकों को कुल 16 चक्र में प्रशिक्षित किया जायेगा। वर्तमान में तीसरे चक्र का प्रशिक्षण चल रहा है। प्रशिक्षण के सह प्रभारी वरिष्ठ डाइट प्रवक्ता चंदन भारती ने बतया कि इस प्रशिक्षण के बाद जनपद में डिजिटल लिटरेसी बढ़ेगी तथा बेसिक की डिजिटल दस्तावेजीकरण में गुणात्मक सुधार होगा। प्रशिक्षक कैलाश मौर्य ने बताया कि प्रत्येक विद्यालय से दो अध्यापकों की ट्रेनिंग दी जा रही है।
इस बाबत डाइट प्राचार्य व उप शिक्षा निदेशक अमरनाथ राय ने कहा कि हम सबका का उद्देश्य है कि इस प्रशिक्षण को समस्त खंड शिक्षाधिकारियों व अकादमिक रिसोर्स पर्सन, स्टेट रिसोर्स ग्रुप के सदस्यों को भी दिया जाय जिससे जनपद का आईसीटी माड्यूल अपने शीर्ष पर पहुंचे व सरकार की मंशा साकार हो।
रिपोर्ट-सुबास लाल