अतरौलिया आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वह माध्यम है जो ग्रामीण अंचल की छिपी हुई प्रतिभा को निखारकर दुनिया के सामने लाता है। गणतंत्र दिवस के अवसर पर अतरौलिया स्थित मां जानकी इंटर कॉलेज के प्रांगण में बीएचएस एकेडमी के बच्चों ने अपनी वैज्ञानिक सोच और सांस्कृतिक कला का जो प्रदर्शन किया, उसने इस बात को चरितार्थ कर दिया।
प्रदर्शनी में नन्हे वैज्ञानिकों ने मिशन चंद्रयान के माध्यम से इसरो की सफलता की गाथा सुनाई, तो वहीं सोलर सिस्टम और सक्रिय ज्वालामुखी के मॉडलों के जरिए जटिल वैज्ञानिक सिद्धांतों को बड़ी सरलता से समझाया। मां जानकी इंटर कॉलेज और बीएचएस एकेडमी अपनी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अनुशासित वातावरण के लिए जाने जाते हैं।
मुख्य अतिथि निगम सिंह ने कहा कि इस विद्यालय ने यह साबित कर दिया है कि अगर सही संसाधन और बेहतर मार्गदर्शन मिले, तो गांव के बच्चे भी वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं। विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था सराहनीय है। विशिष्ट अतिथि जयनाथ सिंह ने कहा कि आज के परिवेश में बच्चों को विज्ञान से जोड़ना सबसे बड़ी उपलब्धि है। विद्यालय न केवल शिक्षा दे रहा है, बल्कि संस्कारों और नवाचार का बीजारोपण भी कर रहा है। अंत में विद्यालय प्रबंधन ने सभी का आभार व्यक्त किया।
रिपोर्ट-आशीष निषाद