फूलपुर आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। स्थानीय तहसील क्षेत्र के सुदनीपुर ग्राम पंचायत लखनऊ बलिया मॉर्ग से सटे गाटा सख्या 92 से सटे सरकारी नाली पर अवैध रूप से रास्ता बनाए जाने के मामले को जिलाधिकारी ने गंभीरता से लिया है। जिलाधिकारी ने एसडीएम से पूरे प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट तलब की है। डीएम और एसडीएम के आदेश के बाद भी नायब तहसीलदार मौके पर जांच करने नहीं पहुंचे। न ही भूमाफिया प्लाटरों द्वारा नाली पर बनाये गए रास्ते से नाली को मुक्त कराया गया। महीनों बाद भी कोई कार्यवाही न होते देख प्रधान लेखपाल अधिकारी प्लाटरों के गठबंधन से ग्रामीण भयभीत हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि प्लाटिंग करने वाले भू-माफियाओं ने जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी नाली पर अवैध रूप से रास्ता बनवा दिया। संबंधित भूमि पहले रास्ता न होने के कारण सस्ती थी, लेकिन सरकारी नाली को पाटकर रास्ता बनाए जाने से जमीन की कीमत कई गुना बढ़ गई।
सूत्रों के अनुसार, लखनऊ-बलिया मार्ग से नाली के एक ओर करीब 6 से 7 फुट तथा दूसरी ओर लगभग 5 फुट जमीन खरीदकर लगभग 5 कड़ी चौड़ी सरकारी नाली को रास्ते में मिला दिया गया। बीते करीब 15 दिनों से निर्माण कार्य चलता रहा, लेकिन तहसील प्रशासन की ओर से कोई रोक नहीं लगाई गई।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार तहसील प्रशासन और हल्का लेखपाल से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि जब ग्रामीणों ने लेखपाल से नाली पर रास्ता बनाए जाने का विरोध किया तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि वर्षा ऋतु में जल निकासी बाधित होने के कारण गांव में जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाती है, जिससे किसानों की धान की फसल को भारी नुकसान होता है। सरकारी नाली पर अतिक्रमण से यह समस्या और बढ़ने की आशंका है।
ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित हल्का लेखपाल प्रभावशाली पदों पर होने और राजनीतिक पहुंच के कारण कार्रवाई से बचे रहे और कई लेखपाल मंडलो, का प्रभार लिए घूम रहे जिससे अन्य अधिकारी भी हस्तक्षेप करने से कतरा रहे थे।
इस संबंध में एसडीएम अशोक कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी द्वारा पूरे प्रकरण की जांच के निर्देश दिए गए हैं। नायब तहसीलदार राजाराम को जांच सौंपी गई है और रिपोर्ट प्राप्त होते ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट-मुन्ना पाण्डेय