आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय आजमगढ़ के परिसर में मेघालय दिवस बड़ी धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि मेघालय के पूर्व राज्यपाल फागू चौहान एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 संजीव कुमार, कुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक ने दीप प्रज्वलित कर एवं मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया।
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलगीत से शुरू हुआ विश्वविद्यालय की छात्राओं ने मेघालय का स्थानीय संगीत प्रस्तुत कर माहौल को सतरंगी बना दिया। कार्यक्रम की प्रभारी ऋतंभरा ने मेघालय के प्राकृतिक सौंदर्य का जीवंत चित्रण प्रस्तुत किया उन्होंने कहा कि मेघालय प्रकृति, परंपरा एवं जीवंतता का द्योतक है। मेघालय पर नाटक प्रस्तुति करते हुए विश्वविद्यालय की छात्र-छात्राओं ने स्वच्छता पर समाज को संदेश दिया। बच्चियों ने मेघालयी नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया।
मुख्य अतिथि पूर्व राज्यपाल फागू चौहान ने कहा कि मेघालय एक राज्य नहीं प्रकृति एवं जीवंतता की संस्कृति है। मुझे विश्वविद्यालय परिसर में आकर अत्यंत प्रसन्नता हो रही है साथ ही अंतर्मन भाव विभोर हो रहा है
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 संजीव कुमार ने मेघालय दिवस के उपलक्ष में अपने संबोधन ने कहा कि मेरी समझ से मेघालय की तुलना स्कॉटलैंड से न की जाए अपितु अन्य देशों के लोग प्राकृतिक सौंदर्य की तुलना मेघालय से करें क्योंकि भारत अनेकता में एकता का देश है जहां यह उक्ति चरित्रार्थ होती है कि कोस कोस पर पानी बदले चार कोस पर बानी।
मेघालय दिवस पर विजयी छात्रों में पोस्टर प्रतियोगिता अरुण प्रथम, खुशी द्वितीय नृत्य में वैष्णवी चारु आकांक्षा दीपाली, गायन में अदिति, अनुराधा बादन में सुषमा रजनी तथा नाटक में कल्पना, अंशुमान त्रिया आदि ने मुख्य अतिथि फागू चौहान एवं कुलपति के हाथों पुरस्कार पाकर सभी प्रतिभागी गदगद दिखे। कार्यक्रम का संचालन डॉ मनीषा, डॉ शिवांगी, डॉ त्रिशिका एवं डॉ ऋतंभरा ने समेकित रूप से किया।
रिपोर्ट-प्रमोद यादव/ज्ञानेन्द्र कुमार