लालगंज आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। स्थानीय तहसील स्थित चिउटहरा मिनी स्टेडियम में प्रतिदिन सैकड़ों बच्चे दौड़, कुश्ती और फुटबॉल जैसे खेलों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद ये खिलाड़ी भविष्य में बेहतर प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन करने का सपना संजोए हुए हैं।
विडंबना यह है कि करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित और लगभग 10 बीघे क्षेत्रफल में फैले इस स्टेडियम की सुरक्षा के नाम पर सरकार हर महीने लगभग 75 हजार रुपये खर्च कर रही है, लेकिन खेल सामग्री, प्रशिक्षण सुविधाएं और ग्राउंड की मरम्मत के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। ग्राउंड के रखरखाव और आवश्यक संसाधनों के अभाव में खिलाड़ियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
यह विरोधाभासी स्थिति हास्यास्पद प्रतीत होती है, जहां सुरक्षा पर नियमित खर्च तो है, लेकिन खिलाड़ियों की मूल जरूरतों की अनदेखी की जा रही है। बच्चों को बेहतर प्रदर्शन के लिए न केवल खेल सामग्री, बल्कि सुव्यवस्थित और सुरक्षित मैदान की भी आवश्यकता है।
सरकारी उदासीनता के बीच इस जिम्मेदारी का आंशिक निर्वहन जीवन उजाला समिति द्वारा किया जा रहा है, जो सीमित संसाधनों में खिलाड़ियों की मदद कर रही है। स्थानीय खिलाड़ियों और अभिभावकों ने प्रशासन से स्टेडियम में खेल सामग्री उपलब्ध कराने और ग्राउंड की नियमित मरम्मत कराने की मांग की है।
रिपोर्ट-मकसूद अहमद