आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। निर्धारित समय दिन के 10 बजे से दो घंटे विलंब से पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आम जन और मीडिया से कोसों दूर दिखे। पुलिस लाइन स्थित हेली पैड पर उतरने के बाद अधिकारियों और नेताओं ने अगवानी की तो उसके बाद तुरंत कार से कलेक्ट्रेट सभागार के लिए रवाना हो गए।
बैठक में संगठन के क्रियाकलाप, एसआईआर पर चर्चा के साथ सीएम ने भविष्य के लिए कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। मुख्य रूप से एसआईआर की प्रगति और उसमें संगठन की भूमिका पर चर्चा की गई। सभागार में मीडिया कर्मियों के प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई थी। बाहर निकलने के बाद सीएम सीधे कार में बैठकर पुलिस लाइन के लिए रवाना हो गए। जो स्थिति दिखी उसमें यह कहना गलत नहीं होगा कि सीएम के कार्यक्रम की सही जानकारी प्रशासन को भी नहीं थी, क्योंकि एक दिन पहले मंडलीय समीक्षा बैठक की बात कही गई थी और ऐन वक्त पर पूरी बैठक संगठनात्मक हो गई। यही नहीं जिला प्रशासन की ओर से जारी नोट में समय-समय पर मीडिया के लिए फोटो, वीडियो और प्रेसनोट जारी करने का निर्देश दिया गया था, लेकिन इंतजार के बाद जब जिला सूचना कार्यालय से संपर्क किया गया तो पता चला कि पूरी बैठक राजनीतिक रही इसलिए कोई प्रेसनोट जारी नहीं किया जाएगा।
यही नहीं मीडिया कर्मियों को एडीएम एफआर के कार्यालय तक ही पहुंचने की अनुमति थी। फिर भी पत्रकार उम्मीद लगाए खड़े थे कि अंदर नहीं गए तो बाहर निकलकर मुख्यमंत्री जरूर कुछ बोलेंगे, लेकिन उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया। हां, कुछ नेताओं ने हिम्मत जुटाई और अंदर हुई चर्चाओं को सार्वजनिक कर दिया। बैठक के बाद नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने बताया कि सीएम ने संगठन के क्रियाकलापों, भविष्य के लिए निर्देश जारी किया, लेकिन पूरी बैठक एसआईआर की रफ्तार और प्रगति को लेकर समर्पित रही। संगठन को आगे बढ़ाने पर मंथन किया गया।
इसके अलावा सगड़ी क्षेत्र की पूर्व विधायक वंदना सिंह ने भी अंदर की बात को मीडिया के साथ साझा किया। बताया कि एसआईआर की तिथि को निर्वाचन आयोग ने 14 दिनों के लिए फिर बढ़ा दिया है। सीएम ने निर्देश दिया है कि इस दौरान फर्जी तरीके से मृतक व शिफ्टेड लिस्ट में डाले गए लोगों के बारे में पता करके अगर गलत है तो उनका नाम सूची में शामिल कराया जाए। कोई भी असली मतदाता लिस्ट में छूटने न पाए। सीएम ने संगठन की समीक्षा के दौरान सभी पदाधिकारियों और विधायकों को निर्देश दिया है कि लखनऊ आने की जरूरत नहीं हैं। सभी कार्यकर्ता, पदाधिकारी और पार्टी के प्रत्याशी अपने क्षेत्र में रहकर जनता के लिए काम करें और सभी वोटरों का नाम सूची में दर्ज कराना सुनिश्चित करें।
भले ही सीएम का एजेंडा संगठनात्मक रहा हो लेकिन समीक्षा के लिए मंडल से लेकर जिला स्तर के अधिकारी मौजूद रहे। सीएम को जिले में मतदाता सूची के पुनरीक्षण की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया गया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि एसआईआर के दौरान मृतक, डुप्लिकेट और गलत प्रविष्टियां पूरी तरह हटाई जाएं और एक भी मतदाता सूची से छूटने न पाए। हालांकि कमिश्नर विवेक, डीआईजी सुनील कुमार सिंह और मंडल के तीनों जिलों के डीएम और एसपी भी उपस्थित रहे।
रिपोर्ट-सुबास लाल