लालगंज आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। डॉ. भीमराव अंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर श्रीरामगंज मई खरगपुर बाजार में कैंडल मार्च और अंबेडकर विचार यात्रा का आयोजन हुआ। जय भीम, जय भारत के नारों के साथ बड़ी संख्या में युवाओं एवं नागरिकों ने भाग लेकर बाबा साहब को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। कैंडल मार्च बाजार क्षेत्र से होते हुए मुख्य मार्गों पर निकला गया, जिसमें प्रतिभागियों ने सामाजिक समरसता, शिक्षा और समानता का संदेश दिया। वक्ताओं ने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने शिक्षा को स्वतंत्रता और शक्ति का मूल आधार बताया था। शिक्षा शेरनी का वह दूध है, जो जितना पिएगा उतना दहाड़ेगा।
इस संदेश ने युवाओं में ऊर्जा भरी और शिक्षा को प्राथमिकता देने की प्रेरणा दी। अंबेडकर विचार यात्रा के दौरान वक्ताओं ने कहा कि संविधान निर्माताओं में अग्रणी डॉ. अंबेडकर ने समाज को ज्ञान, समान अधिकार और मानवता का मार्ग दिया। आज की पीढ़ी के लिए उनके विचार मार्गदर्शक हैं और समाज को शिक्षा और एकता के रास्ते पर चलना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
आयोजन के अध्यक्ष अंकित चौरसिया ‘अक्कि’ ने कहा कि सामाजिक समरसता और शैक्षिक चेतना को मजबूत करना ही इस कार्यक्रम का उद्देश्य है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे बाबा साहब के विचारों को अपनाकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाएं।
इस मौके पर गोविंद कुमार, किशन कुमार उपेन्दा, मोहम्मद काशिफ, सूरज यादव, विशाल कुमार, आशीष कुमार, अमित कुमार, बलवंत कुमार आदि उपस्थित रहे।
इसी प्रकार ग्राम पंचायत ठोठीया में भी कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें शिवकुमार, सत्येंद्र कुमार, अरुण कुमार, अनुज कुमार आदि मौजूद रहे।
रिपोर्ट-मकसूद अहमद