फूलपुर आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। भारतीय संस्कृति को शिरोधार्य कर पति के दीर्घायु की कामना के साथ भला हो बुरा हो जैसा भी है मेरा पति मेरा देवता है का अनुसरण करते हुए भाद्रपद शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि को अखण्ड सौभाग्य की कामना लेकर सुहागिन महिलाओं ने हरितालिका तीज का निर्जल व्रत रखा। देवाधिदेव महादेव व माता पार्वती की पूजा अर्चना की। महादेव के स्वरुप शिवलिंग पर जलभिषेक दुग्धाभिषेक किया।
शिव जी का प्रिय विल्व पत्र, सफेद पीला पुष्य, मदार पुष्प, धतूरा, फल फूल तो आदि शक्ति को लाल पुष्प, फल फूल, वस्त्र, श्रृंगार सामान अर्पण किया और विधि विधान से पूजन किया। और सुहाग के साथ परिवार के सुख समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर चन्द्र भूषण राम जानकी शिवालय पर काफी संख्या में महिलाओं ने पूजन उपरान्त मन्दिर पुरोहित श्रीकृष्ण कुमार पाण्डेय ने हरितालिका तीज व्रत की महिमा का वृतांत के साथ कथा सुनाई। व्रत का महत्व बताया। ओम नमः पार्वती पतये हर हर महादेव के गुंजायमान ध्वनि से वातावरण मनमोहक हो गया। क्षेत्र के दुर्वासा धाम के दुर्वेश्वर महादेव, मुंडेश्वर नाथ महादेव, श्री शंकर जी तिराहा, राम जानकी मंदिर नागा बाबा शिवालय पर भी आस्था के साथ शिव पार्वती जी की जलाभिषेक के साथ आराधना की गई।
रिपोर्ट-मुन्ना पाण्डेय