फूलपुर आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। केंद्र व प्रदेश सरकार स्वच्छता के प्रति जितनी संवेदनशील हैं, अधिकारी उतने हो उदासीन बने हुए हैं जिसके चलते गांवों की नालियां जाम है, गांवों में गंदगी का अंबार लगा हुआ है।
सरकार गांवों को मॉडल गांव के रूप में विकसित करने के लिए गांव में लाखांे करोड़ो खर्च कर रही है। सोख्ता गड्ढा से लेकर नाली, कचरा पात्र, ई-रिक्शा, घूर गड्ढा आदि का निर्माण करा रही है जिससे गांव स्वच्छ रहे। गांव खुले में शौच मुक्त हों।
ब्लाक क्षेत्र के 89 ग्राम पंचायतों में 157 सफाईकर्मी नियुक्त हैं। पर सफाईं के नाम पर मात्र वाट्सऐप पर फोटो कैम्प के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करा कर कार्य समाप्त कर रहे हैं। वास्तविकता यह है कि विद्यालय भवन, पंचायत भवन या स्कूल पर झाड़ू लगाकर सफाईकर्मी अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। ब्लाक के अधिकारी स्थलीय सत्यापन नहीं कर पाते हैं कि कैम्प से जो फोटो खींचकर भेजा गया है वास्तव में वहां कार्य हुआ भी है या नहीं।
ग्राम सभा उदपुर में खण्ड विकास अधिकारी कार्यालय है। गांव की विकास योजनाओं का क्रियान्यवन यहीं से होता है। लेकिन इसी गांव में साफ सफाई का अभाव है। जब इसी गांव की नालियां जाम हैं सड़को पर गंदगी है तो बाकी ग्राम पंचायतों की स्थिति का आकलन खुद से लगाया जा सकता है।
इस सम्बंध में बीडीओ फूलपुर इशरत रोमेल ने बताया कि अभी कुछ दिन हुए फूलपुर ब्लाक का प्रभार प्राप्त हुआ है। जल्द ही स्वच्छ भारत मिशन योजना शत प्रतिशत क्रियाशील होगी।
रिपोर्ट-मुन्ना पाण्डेय