मार्टिनगंज आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। ठेकमा ब्लाक क्षेत्र अंतर्गत सहनूडीह ग्राम पंचायत में प्राथमिक विद्यालय न होने से यहां के बच्चों को दो चार किलोमीटर की दूरी तय करके निजी स्कूल या दूसरी ग्राम पंचायत में स्थित प्राथमिक विद्यालयों में जाना पड़ता है। यहां के लोगों को मतदान करने के लिए भी दो-चार किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती हैं, स्थानीय ग्राम पंचायत के लोग मतदान करने खरांट और बड़गहन गांव में जाते हैं। आजादी के 78 वर्ष बाद भी यहां शिक्षा की बुनियादी व्यवस्था न होने से सवाल खडे़ हो रहे हैं। अभी भी इस गांव के कुछ बच्चे बच्चियां स्कूल न होने से पढ़ नहीं पा रहे हैं।
शिक्षा व्यवस्था को बेहतर करने के दावे तो बहुत किए जाते हैं लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी अनेकों गांव में प्राथमिक शिक्षा की हालत बेहद खराब है। लोग अपने बच्चों को पढ़ाना तो चाहते हैं लेकिन विद्यालय के न होने से उनके सपनों को पंख नहीं लग पा रहा है। गांव के जय गोविंद राय कहते हैं कि पढ़ने के लिए बच्चों को दूर जाना पड़ता है। बच्चे तो स्कूल जाते हैं लेकिन कुछ लड़कियां अभी भी अशिक्षित रह जा रहीं हैं। जनार्दन राय कहते हैं कि स्कूल काफी दूर है जिससे बच्चों को सुबह जल्दी उठकर तैयारी में लग जाना पड़ता है। बच्चे जब तक वापस नहीं आ जाते तब तक चिंता बनी रहती है। बच्चों के इंतजार में ही पूरा दिन बीत जाता है। गांव में स्कूल होता तो बच्चों की पढ़ाई में आसानी होती। हेमचंद, सुमन, अमित पूर्व प्रधान समेत अन्य ग्रामीणों ने कहा कि अगर गांव में स्कूल होता तो बच्चों की पढ़ाई में आसानी होती, लेकिन अभी तक स्कूल नहीं बना। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारी और जनप्रतिनिधि वर्षों से यहां विद्यालय बनवाने का आश्वासन देते हैं, लेकिन आजादी के बाद से अब तक यहां स्कूल नहीं बन पाया।
रिपोर्ट-अद्याप्रसाद तिवारी