आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। पूर्वांचल के मालवीय के रूप में अपनी पहचान बना चुके प्रोफेसर बजरंग त्रिपाठी के त्रयोदशाह ब्रह्नभोज के अवसर पर उनके जन्म भूमि जहांगीरगंज में भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। शिक्षा, सेवा और सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में पूर्वांचल में एक युग प्रवर्तक व्यक्तित्व के रूप में पहचान बनाने वाले प्रो.त्रिपाठी को देश प्रदेश के तमाम स्थानों से आए लोगों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया।
श्रद्धांजलि देने पहुंचे उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने उनके योगदान को देखकर उन्हें पूर्वांचल के मालवीय की संज्ञा दी। पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि प्रो. त्रिपाठी का व्यक्तित्व बहुत दूरदर्शी था। उनका उद्देश्य प्रत्येक समाज के लोगों को शिक्षित करना था। उनके निधन से एक बड़ी क्षति हुई है। अन्य वक्ताओं ने कहा कि प्रो. त्रिपाठी का पूरा जीवन शिक्षा और बाल कल्याण के उत्थान लिए समर्पित रहा। उन्होंने समाज के वंचित तबके के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए अनेक पहल की। लगभग 50 वर्षों की उनकी शैक्षिक सेवा के जरिए आज देश के
सोसाइटी के चेयरमैन व उनके छोटे भाई डॉ. कृष्ण मोहन त्रिपाठी ने उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया और यह विश्वास जताया कि उनके अधूरे सपने और कार्यों को पूरा करने के लिए संस्था निरंतर प्रयासरत रहेगी।
श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में प्रमुख रूप से पुलिस महानिरीक्षक लखनऊ रवि कुमार छवि, आजमगढ़ में पुलिस अधीक्षक रहे दिनेश चंद दुबे, शिक्षा जगत से जुड़े राजेंद्र यादव, अयाज अहमद, शिव गोविंद सिंह, विजय बहादुर सिंह, सेंट्रल बार एसोसिएशन के वरिष्ठ अधिवक्ता आद्या प्रसाद सिंह, वरिष्ठ पत्रकार अशोक वर्मा, वेद नारायण मिश्रा मनोज उपाध्याय, धर्मेंद्र श्रीवास्तव, ज्ञानेंद्र चतुर्वेदी, जिला पंचायत के अभियंता राकेश राय, सुभासपा प्रदेश महासचिव राजकुमार गुप्ता, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष सहजानंद राय, प्रवीण कुमार सिंह, अखिलेश मिश्रा उर्फ गुड्डू मिश्रा, दीवानी बार के पूर्व अध्यक्ष विजय बहादुर सिंह, आदि शामिल हैं।
रिपोर्ट-सुबास लाल