विज्ञान से ही संभव है समस्याओं का समाधान: विवेक पांडेय

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अतरौलिया आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। जीवन की नवीन पद्धति में विज्ञान का अपना एक महत्वपूर्ण स्थान है जिसे हम कभी दरकिनार नहीं कर सकते हैं। इस प्रकार के बाल मेले एवं प्रदर्शनी के जरिए बच्चों में छुपी नई प्रतिभा को देखने का मौका मिलता है। ये बातें युवा विकास समिति बस्ती द्वारा राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से भारतीय जनता कन्या इंटर कालेज खरगपुर में तीन दिवसीय प्रदर्शनी के दूसरे दिन मुख्य अतिथि सामाजिक कार्यकर्ता विवेक पांडेय ने कही।
उन्होंने कहा कि आज के दौर में जीवन की समस्याओं का समाधान सिर्फ विज्ञान के माध्यम से ही सम्भव है। आज के बाल वैज्ञानिक कल के बड़े वैज्ञानिक के रूप में देश के सामने होंगे। प्रशांत द्विवेदी ने कहा कि आवश्यकता ही आविष्कार की जननी है। डॉ.राघवेंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि आज का युग वैज्ञानिक युग है। हमें अपनी अलग पहचान बनाने के लिए लीक से हटकर कार्य करना होगा। इस प्रदर्शनी में छात्र-छात्राओं ने विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लिया। वहीं इस मेले के दौरान बच्चों, शिक्षकों व अभिभावकों ने अपने ब्लड ग्रुप एवं हीमोलोबिन की जांच करायी।
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अंधविश्वास से उठाया पर्दा
अतरौलिया (आजमगढ़)। बृहस्पति कुमार पांडेय ने कबाड़ से जुगाड़ पर आधारित विभिन्न प्रकार के प्रयोग दिखाए। उन्होंने चमत्कारों की व्याख्या कर अंधविश्वास से परदा उठाया। डॉ.सर्वेश त्रिपाठी ने मॉडल, और डॉ.आदर्श द्विवेदी ने कठपुतली को बनाने एवं उसे संचालित करने के तरीकों के बारे में बताया। इस दौरान सबसे अधिक भीड़ विज्ञान साहित्य के स्टाल पर देखने को मिली। डॉ.गोविंद मिश्र ने आज के दौर में खाद्य पदार्थाे में हो रही मिलावट के बारे में मॉडल के मध्यम से लोगों को जानकारी दी। संस्था से जुड़ी माधुरी ने बताया कि टीम द्वारा बच्चों को आपदा प्रबंधन पर क्विज प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। बच्चों ने औषधीय पौधों के गुण और वैज्ञानिक नाम पर भी जानकारी प्राप्त की।
रिपोर्ट-आशीष निषाद

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