लोक अदालत में 113713 वाद हुए निस्तारित

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आजमगढ़ (सृष्टिमीडिया)। जनपद न्यायाधीश जय प्रकाश पाण्डेय की अध्यक्षता में जनपद न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया, जिसमें न्यायिक अधिकारीगण, बैक पदाधिकारीगण, अधिवक्तागण, न्यायालय के कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारम्भ जनपद न्यायाधीश जय प्रकाश पाण्डेय द्वारा दीप प्रज्जवलित करके तथा वाग्देवी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करके किया गया। जनपद न्यायाधीश ने कहा कि लोक अदालत आम आदमी के लिए उपलब्ध एक महत्वपूर्ण वैकल्पिक विवाद समाधान तंत्र है, जिसके माध्यम से विवाद का निपटारा निःशुल्क व त्वरित किया जाता है। लोक अदालत में दिया गया फैसला अन्तिम होता है, उसके खिलाफ किसी उपरी न्यायालय में अपील नहीं होती हैं। लोक अदालत में दिये गये फैसले सुलह-समझौते के आधार पर होते हैं इसलिए पक्षकारों के बीच मतभेद भी समाप्त हो जाते है। इसमें न कोई जीतता है और न ही कोई हारता है। लोक अदालत में निस्तारण हेतु कुल 133911 वाद चिन्हित किये गये थे, जिसमें कुल 113713 वाद निस्तारित हुए तथा रू0 299688202/- धनराशि का समझौता हुआ। प्रीलिटिगेशन स्तर पर 96392 तथा कोर्ट से 17321 दीवानी व फौजदारी वाद, राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारित हुए। कार्यक्रम का संचालन नितिका राजन सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आजमगढ़ द्वारा किया गया।
रिपोर्ट-सुबास लाल

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